चकबन्दी प्रक्रिया में अनियमितता के विरोध में सड़क पर उतरे कैलावर के काश्तकार
जौनपुर। जनपद के मड़ियाहूं तहसील क्षेत्र के ग्रामसभा कैलावर में चकबन्दी प्रक्रिया में घोर अनियमितता के विरोध में डा. जंग बहादुर यादव एडवोकेट के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया कि चकबन्दी अधिकारी एवं चकबन्दी कर्ता द्वारा काश्तकारों को न फार्म 35 वितरित किया गया और न ही 45। ऐसे में उनको प्राकृतिक न्याय से वंचित किया गया। इस संदर्भ में ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। चकबन्दी प्रक्रिया में इतनी बड़ी लापरवाही से ग्रामीण बहुत भयभीत हैं। ग्रामसभा कैलावर में जो चकबन्दी प्रक्रिया हुई है, उसमें लगभग 300 से अधिक संदर्भ बनाये गये हैं। ज्यादातर काश्तकारों के 5 से 6 चक जो 10, 15, 25 एअर के चक दिये गये जो बहुत छोटे-छोटे हैं, उसमें काश्तकारी करना कठिन है जो चकबन्दी प्रक्रिया के उद्देश्य के विपरीत है। चकों की माप अधूरी है। बहुत से मुकदमे अभी तक न्यायालय में लंबित है। सार्वजनिक स्थानों पर आने—जाने के लिये चकमार्ग नहीं है। इन सब शिकायतों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुये तत्काल धारा 52 स्थगित किये जाने की मांग की गयी। साथ ही संबंधित चकबन्दी अधिकारियों के ऊपर विभागीय कार्यवाही करने की मांग किया गया। जिलाधिकारी ने त्वरित कार्यवाही हेतु चकबन्दी अधिकारी को निर्देशित किया। वहीं लोगों ने चेतावनी दी कि यदि त्वरित कार्यवाही नहीं हुई तो किसान जनान्दोलन के लिये बाध्य होंगे। साथ ही उच्च न्यायालय का सहारा भी लेंगे। इस अवसर पर ग्रामसभा के काश्तकारों के साथ दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता संघ की जिलाध्यक्ष सुभाष चन्द्र यादव, व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष श्रवण जायसवाल, प्रदेश सचिव समाजवादी पार्टी राजेश यादव लोहिया, रविशंकर यादव, प्रदीप यादव एडवोकेट कलेक्ट्रेट, निहाल अहमद, संजय यादव, राहुल, जितेन्द्र यादव, जय प्रकाश, गुलाब सरोज, वीरेन्द्र सिंह, गोलू सिंह, रमेश सहित तमाम पीड़ित काश्तकार उपस्थित रहे।
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