राम-जी अधिनियम ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम: प्रभारी मंत्री
ग्रामीण रोजगार को मिलेगा नया बल, 125 दिन की रोजगार गारंटी से बढ़ेगी आय
प्रभारी मंत्री ने बताया कि नए अधिनियम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय में सीधा इजाफा होगा और रोजगार की तलाश में होने वाले पलायन पर प्रभावी अंकुश लगेगा। यह निर्णय ग्रामीण समाज के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि जी-राम-जी अधिनियम की एक महत्वपूर्ण विशेषता बेरोजगारी भत्ते को वास्तविक और प्रभावी कानूनी अधिकार बनाना है। अब श्रमिक द्वारा कार्य की मांग किए जाने के बावजूद यदि समय पर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता स्वतः देय होगा। इससे पहले की योजनाओं में मौजूद जटिल शर्तों को समाप्त कर दिया गया है।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि मजदूरी भुगतान की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। यदि भुगतान में देरी होती है, तो विलंबित प्रत्येक दिन का मुआवजा श्रमिक को मजदूरी के साथ दिया जाएगा। इससे श्रमिकों के शोषण पर रोक लगेगी और उन्हें उनके श्रम का पूरा प्रतिफल समय पर मिलेगा। कृषि बुआई और कटाई के दौरान वर्ष में अधिकतम 60 दिनों तक कार्य बंद रखने का भी प्रावधान किया गया है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित न हों।
उन्होंने कहा कि अब विकास योजनाओं का निर्धारण ग्राम स्तर पर ग्राम सभा की सहभागिता से किया जाएगा। ग्राम पंचायत द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार की जाएगी, जिससे गांवों का संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
अंत में प्रभारी मंत्री ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम ग्रामीण रोजगार, आजीविका और सामाजिक-आर्थिक मजबूती की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, जिसका लाभ आने वाले वर्षों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
प्रेस वार्ता में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) खेल एवं युवा कल्याण गिरीश चंद्र यादव, राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, विधायक शाहगंज रमेश सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह ‘प्रिन्सू’, विधायक मड़ियाहूं डॉ. आर.के. पटेल, जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति व डॉ. अजय सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह, अजय शंकर दुबे, जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र, मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित
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