सख्त निर्देश: बिना फिटनेस नहीं दौड़ेंगी स्कूल बसें, मनमानी फीस पर भी शिकंजा
जौनपुर, 18 अप्रैल।
जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त रुख अपनाया गया। उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम-2018 के तहत सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड से संबद्ध सभी विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि बिना फिटनेस के कोई भी स्कूल वाहन सड़कों पर नहीं चलेगा। ऐसे वाहनों पर तत्काल कार्रवाई होगी। स्कूल बसों में ओवरलोडिंग पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। हर वाहन की फिटनेस जांच के बाद ही संचालन सुनिश्चित करने और संबंधित पोर्टल पर इसकी अनिवार्य अपलोडिंग के आदेश दिए गए। साथ ही स्कूल परिसरों में पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को चेताया कि अभिभावकों को किसी एक दुकान से ड्रेस या किताब खरीदने के लिए बाध्य करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। शिक्षण शुल्क भी शासनादेश के अनुसार ही लिया जाएगा। जिले के 6184 विद्यालयों को निर्धारित प्रारूप पर शपथ पत्र देने और पोर्टल पर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि वाहन चालकों का सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए और हर विद्यालय में सुरक्षा समिति का गठन किया जाए। नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए बताया कि पहली बार एक लाख, दूसरी बार पांच लाख रुपये का जुर्माना और तीसरी बार विद्यालय की मान्यता रद्द की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी होने के दौरान किसी भी छात्र से अंकपत्र या टीसी के नाम पर कोई शुल्क न लिया जाए। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का आरटीई के तहत प्रवेश सुनिश्चित करने और विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबें लागू करने पर जोर दिया गया।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, एआरटीओ सहित विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य मौजूद रहे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और अभिभावकों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा।
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