दर्शनार्थी महिला के साथ अभद्रता के व्यवहार की शिकायत पर सिपाही हुआ निलंबित, जानें क्या है प्रकरण


 मां विंध्यवासिनी मंदिर के निकास द्वार पर बीती रात को महिला श्रद्धालु द्वारा पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाया गया। महिला श्रद्धालु का थानाध्यक्ष से बीच सड़क में शिकायत का वीडियो वायरल हुआ। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा ने आरोपी पुलिस कर्मी को निलंबित कर दिया। 
क्षेत्र के बंगाली चौराहा पर विंध्याचल थानाध्यक्ष अतुल कुमार राय गश्त पर निकले थे। मां विंध्यवासिनी माता दरबार में दर्शन पूजन कर वापस आ रही महिला श्रद्धालु का परिवार थानाध्यक्ष को देखकर रुक गया। रो-रो कर महिला श्रद्धालु ने आरोप लगाया कि दर्शन करने के लिए पूरा परिवार कतार में खड़ा था। जैसे ही दर्शन करने के लिए मां के सामने पहुंचे तो निकास द्वार पर खड़े सिपाही ने महिला के बाल पकड़कर खींच लिया।
जिसके कारण दर्शन नहीं हो सका। महिला ने कहा कि आप लोग व्यवस्था को संभालिए। दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए आतुर रहते हैं। निकास द्वार पर पुलिसकर्मी बाल खींच कर हम लोगों को बाहर कर दिये। क्या उनके घर में बहन बेटियां नहीं है। जो महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार कर रहे है। जिसके बाद थानाध्यक्ष ने महिला को पुनः दर्शन कराने के लिए निवेदन किया, लेकिन महिला ने दर्शन करने को मना कर दिया।
थानाध्यक्ष ने महिला श्रद्धालु की पूरे परिवार को मौखिक आश्वासन दिया  कि इस बात की शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी। मामले का वीडियो वायरल हो गया। मामले में पुलिस अधीक्षक ने आरोपी पुलिसकर्मी (सिपाही जितेंद्र पाल) को निलंबित कर दिया। सीओ सिटी परमानंद कुशवाहा ने बताया कि मंदिर बन्द होने के समय अत्यधिक भीड़-भाड़ होने पर पुलिस कर्मियों द्वारा दर्शनार्थियों को बाहर निकाला जा रहा था। कुछ दर्शनार्थी द्वारा एक पुलिस कर्मी के व्यवहार पर आपत्ति व्यक्त की गयी । प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा सम्बन्धित पुलिसकर्मी को जांच तक निलंबित कर दिया गया है।  पुलिस अधीक्षक  द्वारा निर्देशित किया गया है कि अत्यधिक भीड़-भाड़ होने पर पुलिसकर्मी संयम बरतें। दर्शनार्थियों से विनम्र व्यवहार रखें।

Comments

Popular posts from this blog

जौनपुर और मछलीशहर (सु) लोकसभा में जानें विधान सभा वारा मतदान का क्या रहा आंकड़ा,देखे चार्ट

मतगणना स्थल पर ईवीएम मशीन को लेकर हंगामा करने वाले दो सपाई सहित 50 के खिलाफ एफआईआर

आयोग और जिला प्रशासन के मत प्रतिशत आंकड़े में फिर मिला अन्तर