“प्रशासन की रोक के बाद फिर शुरू हुआ अवैध निर्माण, संरक्षित क्षेत्र में नियमों की खुली अवहेलना”
जौनपुर। पीछे किला सम्भावना पुल रोड स्थित पुरातत्व विभाग के संरक्षित क्षेत्र में अवैध निर्माण का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में समाचार प्रकाशन के बाद सिटी मजिस्ट्रेट इन्द्र नन्दन सिंह एवं मास्टर प्लान के जेई प्रशान्त कुमार ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया था, लेकिन अब दोबारा उसी स्थान पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार संबंधित स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधीन संरक्षित क्षेत्र में आता है, जहां 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद पुनः निर्माण शुरू होना कानून की सीधी अवहेलना माना जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहले प्रशासन की सख्ती से निर्माण कार्य रुक गया था, जिससे लोगों में विश्वास जगा था कि ऐतिहासिक धरोहर सुरक्षित रहेगी। लेकिन अब दोबारा निर्माण शुरू होने से लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ गई है।
सूत्रों के मुताबिक, मामले की सूचना एक बार फिर प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है। लोगों को उम्मीद है कि सिटी मजिस्ट्रेट इन्द्र नन्दन सिंह और जेई प्रशान्त कुमार दोबारा सख्त कदम उठाते हुए इस अवैध निर्माण पर स्थायी रोक लगाएंगे।
कानूनी रूप से Ancient Monuments and Archaeological Sites and Remains Act, 1958 के तहत ऐसे निर्माण पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण का दोबारा शुरू होना कई सवाल खड़े कर रहा है
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