वर्षों में मात्र 9 फीसदी कार्य धरातल पर : रागिनी सोनकर
विधानसभा में औद्योगिक विकास पर सरकार से तीखे सवाल
लखनऊ। जौनपुर। गुरुवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने औद्योगिक विकास विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कई तीखे प्रश्न उठाए। उन्होंने औद्योगिक विकास मंत्री से प्रदेश में निवेश और रोजगार की वास्तविक स्थिति पर स्पष्ट जवाब मांगा।
डॉ. सोनकर ने कहा कि सरकार 45 लाख करोड़ रुपये के एमओयू का दावा करती है, लेकिन विभाग द्वारा दिए गए उत्तर के अनुसार पिछले 9 वर्षों में मात्र 9 प्रतिशत कार्य ही धरातल पर उतारा जा सका है। उन्होंने इसे अत्यंत निराशाजनक बताते हुए पूछा कि जब प्रदेश ट्रिलियन इकोनॉमी की ओर बढ़ने का दावा कर रहा है, तब औद्योगिक विकास की यह स्थिति क्यों है?
उन्होंने कहा कि जब भी सरकार से प्रश्न किए जाते हैं तो वह पूर्ववर्ती सरकारों का हवाला देती है, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में वास्तविक उपलब्धियों का आकलन जरूरी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जहां एक ओर प्रदेश में रोजगार और अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, वहीं सरकार बड़े-बड़े दावों तक सीमित दिखाई दे रही है।
विधायक ने रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर (Defense Corridor) की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चित्रकूट, झांसी, अलीगढ़ और आगरा में परियोजनाओं की स्थिति शून्य के बराबर है, जबकि कानपुर और लखनऊ में भी बेहद सीमित प्रगति दिखाई दे रही है। उन्होंने पूछा कि एक्सप्रेस-वे के आसपास उद्योग विकसित करने का वादा किया गया था, परंतु वहां उद्योग स्थापित क्यों नहीं हो पाए?
डॉ. सोनकर ने औद्योगिक विकास विभाग से जुड़े रोजगार के आंकड़े भी सदन के पटल पर रखने की मांग की। उन्होंने पूछा कि विभाग द्वारा अब तक कितनी नौकरियां सृजित की गईं, उनमें कितनी महिलाओं, दलितों और पिछड़े वर्ग के युवाओं को रोजगार मिला तथा कितने लोगों को एक लाख रुपये से अधिक वेतन वाली नौकरियां प्राप्त हुईं।
उन्होंने मंत्री से इन तीनों प्रश्नों पर स्पष्ट, तथ्यात्मक और पारदर्शी उत्तर देने की मांग की और कहा कि प्रदेश के युवाओं की आशाएं औद्योगिक विकास से जुड़ी हैं, इसलिए सरकार को जवाबदेही से बचना नहीं चाहिए।
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