इतनी जल्दी नहीं गिरेगा चंदवक गोमती नदी पुल प्रोजेक्ट मैनेजर-NHAI, जर्जर बताकर तीन दशकों से है बंद
जौनपुर। चंदवक, वाराणसी आजमगढ़ मार्ग पर चंदवक के पास गोमती नदी पर तीसरे पुल के निर्माण कार्य में लापरवाही का खतरनाक खेल जारी है नए पुल के निर्माण के लिए पोकलैड डंपर और जेसीबी जैसे वाहनों को उस जर्जर पुल पर चलाया जा रहा है। जो करीब तीन दशक पहले दुर्घटना के खतरे का हवाला देकर पूरी तरह बंद कर दिया गया था, हैरानी की बात तो यह है कि इस जानलेवा लापरवाही की जानकारी होने के बावजूद तहसील प्रशासन मौन साधे बैठा है।
1973 में बने पुल को लगभग 30 साल से बंद किया गया फिर हो रहा उपयोग”.
गोमती नदी पर वर्ष 1973 में बना यह पुराना पुल दशकों से जर्जर अवस्था में है इसी पुल की खस्ता हालत को देखते हुए वर्ष 1997 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी सेतु का निर्माण कराया गया था। जिसका विधिवत लोकार्पण 2002 में हुआ तब से यही नया पुल आवागमन के लिए उपयोग में है।
पिछले साल कुछ तकनीकी कमियों के चलते उस पर भी भारी वाहनों की आवाजाही अस्थाई रूप से रोक दी गई थी, बाद में हल्की मरम्मत के पश्चात उसे पुनः चालू कर दिया गया। लेकिन उस चालू पुल के बजाय पुराने जर्जर पुल को निर्माण कार्य में उपयोग हो रहे वाहनों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों में रोस, उठ रहे सवाल”.
रामगढ़ मुढ़ैला निवासी वरिष्ठ पत्रकार जयप्रकाश पाण्डेय ने कड़े शब्दों में सवाल उठाया और कहा कि जिस पुल को 30 वर्ष पूर्व साइकिल तक गुजरने पर पाबंदी लगा दी गई थी उसी पुल से आज किसकी अनुमति से भारी मशीने दौड़ाई जा रही है, चंदवक घाट निवासी रामकिशन गोस्वामी और बलुआ गांव के रामविलास नाविक का कहना है कि अगर 30 साल पहले दुर्घटना का खतरा था तो क्या आज वह खतरा अपने आप समाप्त हो गया यह प्रशासनिक मिलीभगत है या घोर लापरवाही।
बड़े हादसे की आशंका तत्काल कार्यवायी की मांग”.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है फुल टूटने की स्थिति में न केवल मशीन बल्कि अनेक मजदूरो की जान जा सकती है क्षेत्र वासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि पुराने जर्जर पुल का उपयोग तत्काल बंद कराया जाए और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए इस संबंध में एसडीएम केराकत शैलेंद्र कुमार के सीयूजी नंबर पर फोन लगाकर संपर्क साधने का प्रयास किया गया लेकिन फोन नहीं उठा। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीनिवास से बात की गई तो उन्होंने गोल मटोल जवाब देते हुए कहा कि सिर्फ प्रोजेक्ट से संबंधित वाहन जा रहे हैं इतनी जल्दी यह पुराना पुल नहीं टूट जाएगा।
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